सहज सरल भाषा-भारत की अभिलाषा.
समस्त देशवासियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं..., प्रो. सुबोध झा की कविता "सहज सरल भाषा-भारत की अभिलाषा.."
समस्त देशवासियों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं। आजादी के 79 वीं साल होने के बावजूद लगभग 70% आबादी द्वारा बोली जाने वाली मातृभाषा हिन्दी को अभी भी राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त नहीं है। हम अभी भी हिंदी की बिंदी से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। हालिया दिनों में "हिंदी और हिन्दी" लिखने पर विवाद हुआ। पता नहीं कब हिन्दी का उद्धार होगा? इसी पर मेरी अभिव्यक्ति।
मनहर घनाक्षरी
8,8,8,7
हिन्दी दिवस पर विशेष
सहज सरल भाषा,भारत की अभिलाषा;
सुगम है मातृभाषा,मन को लुभाती है।
देश की है पहचान,हिन्दी बनी स्वाभिमान;
आओ करें यशोगान, संस्कृति सिखाती है।
राष्ट्रभाषा का उद्धार,हिन्दी हितार्थ संस्कार;
सुनो मेरी सरकार;हिन्दी कह जाती है।
हिन्दी,हिन्दू,हिन्दुस्तान, भारत का वरदान;
करे जो 'आशु' आह्वान,गीत बन गाती है।
✍️ प्रो. सुबोध झा 'आशु' | साहिबगंज न्यूज डेस्क
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